Friday, May 7, 2021

पेड़ पपिते का ....

कुदरत  का  करिश्मा हैं  या  कुछ  और ...
पेशे  से चिकित्सक ,
पर  पेड़  पौधों  के  बेहद  करीब ....
कैसे  किसकी  cutting  लगायें ,
खाते  time  कोई आम  या  पपिता  मीठा  निकल  गया  तो  तुरंत  वोह   धरती  की  गोद  में  समा जाता था  नये  अंकुरण  के  लिए ... 
मेरी इसी  बात  को  लेकर  उनसे  मतभेद रहता  था ....
मैं  फूल  का  पौधा  लगाता , कुछ वक़्त  बाद  देखता तो  उसकी  सबसे  मोटी  डंडी  कटी  हुई  हैं ,
समझ  जाता  था  कि  यह  काम  किसका  हैं ....
Daddy आपने  फिर  पेड़  की  cutting  की ...
बड़ा  तो होने  देते ....
एकदम  मासूम बच्चे  की  तरह  बोलते  कि  उनका  झूठ  उस  मासूमियत  में  दब  कर  रह  जाता ... 
कौन  सी  cutting,  मैनें तो  देखी  भी  नहीं ....
और  मैं  सब  कुछ जानते  हुए  भी  चुप  हो जाता ....
पपिते के  एक  बार  25 पेड़  लगा  दिये  हमारे  आवास विकास  वाले  घर  के  दायेरे  में ...
25 पेड़ ,
वोह भी  पपिते  के .. 
घर  हैं  या  पपिता  पौधशाला ....
ठीक  यहीं  बोला  था  मैनें  Mummy से ... 
और  सारे  उखाड़  दिये  थे , दिल  को  शांति  मिली  कि  आज  बदला  पूरा  हुआ.....
उनके  प्रस्थान  को 4 माह  पूरे  होने  को  आये .....
यूँ  ही  बागिचे  में  घूमते  हुए  एक गमले  पर  नज़र  जाती  हैं  तो  देखता  हूँ  कि  एक  सुन्दर  सा  पपिते  का  पौधा  उग  आया  हैं  और  जैसे मुझे  मुंह  चिड़ा  कर  कह  रहा  हैं कि  अब  उखाड़  कर दिखाओ मुझे ...
(घर , आगंन  में  पुन : अबाद  होते  Daddy....).