Thursday, July 13, 2023


 यादें ...

बात  1985 की ,

महीना यहीं  होगा , July का ...

Intermidiat की  परीक्षा बस जैसे तैसे  पास  कर  के ,

Graduation करने  के लिए  Lucknow University पहुचं  गये  अपनी  लाल  रंग  की BSA SLR cycle पर ....

उस  वक़्त  ना  तो कोई admission test होता  था , ना  ही  चुनाव  की  कोई और  प्रक्रिया ,

Simple सा  एक form भरो और  बस  लिस्ट  निकलने  का  कुछ दिनों  का  इंतेजार ....

खैर  लिस्ट  भी  निकली  और  नाम  भी आ गया ...

विषय  मिले  थे ..

Economics

Psychology

Ancient Indian History

General English

बस  अब हर  रोज का  क्रम  बंध  गया ,

cycle से  8-10 km  की य़ात्रा  कर  के घर से  University तक  जाना , shoulder cross bag में  चन्द  पुस्तक  ज़िनका  University में  कुछ  खास  उपयोग  होता  नहीं था ...

बस  एक block से दुसरे  block , cycle stand ही बदला  करते  थे  ...

Pg block में  Economics की  classes हुआ  करती  थी , जो कभी हुई  ही नहीं ...

और  पुरानी  हवेली नुमा  ईमारत  में Ancient Indian History की ...

Teachers भी शायद  इस  विषय  के  लिए पुरतत्व विभाग  वालों  ने  ही  दिये थे ...

सब  से ज्यादा  मनोरांजक विषय  था  Psychology.....

Seperate Block, बढ़िया  Teachers, कुछ अच्छे  दोस्त और  ढेर  सारी  गप्पे...

ज़िन्दगी  के कुछ खट्टे और  कुछ  मीठे  अनुभव  हुए ,

रोज  कुछ नए  शब्द( गालियां ) सीखने  को मिली ....

ज़िनका  इस्तेमाल  जीवन  में  कभी भी नहीं किया l

सब  से अच्छा  अनुभव  था  जीवन  में  पहली बार  Tagore Library  जाना  और  वहां  कुछ वक़्त  गुजारना ....

ऊँची  छतो वाली  वोह  ईमारत  बहुत  ही सुन्दर  थी l

खैर  इन्ही यादों  के  साथ  कब  2 साल निकल  गये , पता  ही नहीं  चला ....

आज  पता  चल  रहा  हैं  कि  University की  चयन प्रक्रिया  अब  अत्यंत  जटिल  हो  गई  हैं ..

अब  यह समझ नहीं  आ रहा  कि  शिक्षा  का  स्तर  ऊँचा  हुआ  हैं य़ा  यहां  भी  जनसंख्या की  मार  के कारण Admission की  पंक्ती  लम्बी  हो गई  हैं ....

खैर  जो  भी  हैं ,

ज़िन्दगी  सरल रहें  तो ही  अच्छी  लगती  हैं ....