Wednesday, July 21, 2021

Fridge

स्यूंक्त  परिवार  में  गहमागहमी कुछ यूँ  ही बढ़ी रहती  हैं  और  कोई शादी  ब्याह  हो  तो कहना  ही क्या ....
यूँ  ही कुछ शादी  ब्याह  था  मेरे दूर  के रिश्ते  के मामा  का ... 
दिन था सगाई  का ,
और  घर  भरा  हुआ  था मेहमानों  से ,
आला  दर्जे की खाने  की खुशबू  से घर  महक  रहा  था ,
देशी  घी  से बनी  सब्जिया  और  खास  बनियों  में  बनने वाली  उड़द दाल  की कचौरी , हम  सब को बार  बार  अपनी  ओर  खीच  रहीं  थी ....
खैर  शाम  होते  होते घर  का  बड़ा  सा  आगंन  मेहमानों  और  सगाई  में  वधू  पक्ष  के घर  से आने  वाले  समानों  से पट  गया .....
अब शुरु हुआ समान  की  लिस्ट  गिनाने  और  बताने  का  सिलसिला ,
ज़िसका  ज़िम्मा  सौंपा  गया  एक पंडित  जी  को , जो नई दुनिया  के  रिती रीवाजो  से एकदम अंजान  थे .....
देखें  दिखाये  समान  जैसे बर्तन भांडे , सोफा , पलंग  इत्यादी  तो पंडित जी  बड़े  आराम  से गिना  गये , बेचारे  फंस  गये  Fridge  पर  आ कर ....
बहुत देर तक  उसको देखते  निहारते  रहें , सोचते  रहें  कि  आखिर  यह हैं  क्या ....
भरी  सभा  में  किसी  से पूछे  कैसे और  इसी  के साथ  ही साथ  अपने  को मूर्ख  भी कैसे साबित  करें ... 
काफी लम्बा  समय  बीत  गया , मेहमानों  में  खुसुर  पुसुर  तेज  होती जा  रहीं थी .. 
कि  आखिर  पंडित जी  चुप्प  क्यूँ  हो गये  ...
उधर  पंडित  जी ने अपनी  बची  खूचीं  हिम्मत  को बटोरा  और  बकरी  की सी मिमयाती  अवाज में  धीरे  से बोला ....
और  एक सफेद  अल्मारी .... 
खुसर  फुसुर  अब अठ्ठास  में  बदल चुकी  थी ....

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