Wednesday, April 20, 2022

Stand up Comedy

हँसना और वोह भी जोर जोर से हँसना, सेहत के लिए लाभकारी और आवश्यक हैं , परंतु वहीं प्यारी सी हंसी किसी बेबात या बेतुकी , भोंडेपन की चाद्दर ओढ़े नज़र आये तो वोह कहाँ तक सही हैं ,कई दिनों से देख रहा हूँ , Stand-up comedy के नाम पर होता हुआ शब्दों का नंगा नाच , ज़िसको हमारी युवा पीढ़ी बड़े ही मज़े लें लें कर देख रहीं हैं , कोई भी सीमा नहीं हैं , गाली , शरीर का हर वोह अंग ज़िसको हम सब छुपा कर रखते हैं , बेहुदेपन से उसका ज़िक्र करना , संभोग के नाना पर्यावाची शब्दों का करतल ध्वनी के साथ मंच पर प्रयोग करना , और हर वोह बात करना जो YouTube पर उनके likes तो बढ़वायेगा ही , साथ ही साथ उनकी जेब भी भर देगा , अब सवाल हैं कि क्या प्रसिद्ध होने के लिए विवादास्पद होना ज़रूरी हैं , क्या हम स्वस्थ मनोरंजन के ज़रिये कामयाबी नहीं हासिल कर सकते , भूत में जाये तो कितने ही मसखरे ऐसे हुए हैं ज़िन्होने कभी भी इन अपवादों का सहारा नहीं लिया और कामयाबी के शिखर तक पहुचें .... फिर कमी कहाँ हैं , हमारे गिरते बौद्धिक स्तर की , भटकते हुए हमारे आज के युवाओं की , य़ा फिर खुद हमारी जो हम बच्चों को Class और Crass का अंतर नहीं समझा पायें ....

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