Friday, September 4, 2020

 जीवन में  जिस  ने आपको  माँ  बोलना  सिखाया  या  फिर ABCD  से परिचित  कराया वहीं  आपका  गुरु  हो ऐसा  ज़रूरी  नहीं ,

जीवन  में  आये  उन  गुरु  को भी नमन  करें  ज़िन्होने  आपको  cigrette  का  पहला  कश  लेना  सिखाया ,

दारू  के संग  चखना कितना  अहम  होता  हैँ  वोह कांधे  पर  बड़े  प्यार  से हाथ  रख  कर  मुफत  में  यूँ  ही समझाया ....

बालिग  होते  वक़्त  की  दुरूह  ग्रंथियो  को  धीरे  धीरे  बड़े  ही प्यार  से सुलझाया ....

नमन  करता  हूँ  आज  ऐसे  सभी जीवन  में  गुरु  लोगों  को  ज़िन्होने  सीटी  बजाने  की  अद्भूत  कला  से अवगत कराया ,

सीटी  कितने  प्रकार  की  होती  हैँ  यह भी बताया ....

लड़की को  देख  कर  बजाने  वाली  सीटी ,

जानवारों  को  देख  कर  बजाने  वाली ,

तोते  वाली  सीटी  और  भी नाना  प्रकार  की सीटी ....

तेज  गती  से  चल  रही  Scooter  पर  कैसे  आगे  से  पीछे  य़ा  पीछे  से आगे आया  जाये  यह भी  बताने  से नहीं  चूके ...

किताबी अध्यन  तो आप  अपनी  बढ़ती  उम्र  और  अपने  अध्यन  के छेत्र  के  हिसाब  से भूल  या  फिर याद  रख  सकते  हैँ ..

परंतु  उपरोक्त  शिक्षा आप  चाह  कर  भी नहीं भूल  पायेंगे ....

यह  ठीक  वैसे  ही हैँ  जैसे  जीवन  में  cycle  चलाना  सीखना ,

सीख  लिया  तो कभी  भूले  ही  नहीं ....

चाहे  कैंची   चलाई चाहे गद्दी   पर ...

इसी  लिए कहा  गया  हैँ  कि  मित्र  से अच्छा  कोई गुरु नहीं ....

हर  कमीने मित्र  को  Teacher's day की  बधाई...

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