मुरादाबादी दाल ,
आजकल बहुत प्रसिद्ध हो रहीं हैं ,
सुना हैं कि कई पांच सितारा होटेल के दामी menu card में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं ,
खैर मेरी और इस चटपटी दाल की दोस्ती तकरीबां 45 saal पुरानी तो होगी ही ....
चूकें ननिहाल खास मुरादाबाद का था तो इसका स्वाद तो बचपन में ही चखा दिया गया था ,
सुबह सवेरे नानी नाना को झक सफेद कुरते पजामे में सजा कर बांस की नाव अकार टोकरी थमा कर भेज देती हैं किसी गली के नुक्कड पर , चटपटी मूंग की दाल लाने , पीतल के बड़े बड़े देगों में सुलगती और धीरे धीरे पकती दाल अद्भूत स्वाद आपकी जुबां पर रचा बसा देती हैं ....
सीधे साधे मसालों में पकी दाल , हींग जीरे से छुकी और नींबू के रस से लगी लिपटी , अहा , आज भी जबान पर अपना हक़ ज्यो का त्यों जमाये हुए हैं ....
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