Sunday, July 26, 2020

31 मार्च  1957,
जब  Daddy , Mummy को देखने  के  लिए  गये , अपने  पिता  जी  एवं  बड़े  भाई  के साथ ....
आज  मम्मी  ने  यूँ  ही  अपने  यादों  का  पिटारा  हम  सब  के सम्मुख  खोल  दिया ,
चूकें  मम्मी नाना  नानी  की  एकलौती  संतान  हैं , तब  मम्मी को  शादी  के  लिए  दिखाने  ले  जाते  वक़्त  नाना  ने  गिनती  3 को अशुभ  मानते  हुए  अपने  एक नौकर को  भी साथ  ले  लिया और  जा  पहुचें  दिल्ली  के  किसी  होटल  ताज  में ...
यह  5 सितारा  वाला  होटल  ताज  ना  हो कर  कोई यूँ  ही नाम  भर  का  होटल  ताज  था ...
ताज्जुब  होता  हैं कि  कैसे मम्मी को  एक एक बात  आज  तक  याद  हैं  इतने  साल  गुजर जाने  के बाद  भी ....
खैर  देखने  दिखाने  का  पाराम्परिक रस्म हुई ,
इसी  बीच  daddy  और  mummy  को बात करने  का  मौका  मिला  और  Daddy  ने  डॉक्टर  होने  के नाते  Mummy  से पूछा  कि  क्या  कभी चेहरे  के  मुहासों का  इलाज  नहीं  कराया ....
Mummy  ने  भी  तापाक से नहले  पर  दहला मारा  और  बोला  कि  आप  तो डॉक्टर  हैं  आप  ही  कुछ बतायें ....
Daddy ने  एक  गहरी  नज़र  Mummy  पर  डालते  हुए  कहा  कि बाद  में  जरूर  बतायेंगे   ....
इसी  जरूर  बतायेंगे को  Mummy  ने  सहमती  मानते  हुए   शर्मा  कर अपनी  नजरें झुका  ली ....

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