जीवन में जिस ने आपको माँ बोलना सिखाया या फिर ABCD से परिचित कराया वहीं आपका गुरु हो ऐसा ज़रूरी नहीं ,
जीवन में आये उन गुरु को भी नमन करें ज़िन्होने आपको cigrette का पहला कश लेना सिखाया ,
दारू के संग चखना कितना अहम होता हैँ वोह कांधे पर बड़े प्यार से हाथ रख कर मुफत में यूँ ही समझाया ....
बालिग होते वक़्त की दुरूह ग्रंथियो को धीरे धीरे बड़े ही प्यार से सुलझाया ....
नमन करता हूँ आज ऐसे सभी जीवन में गुरु लोगों को ज़िन्होने सीटी बजाने की अद्भूत कला से अवगत कराया ,
सीटी कितने प्रकार की होती हैँ यह भी बताया ....
लड़की को देख कर बजाने वाली सीटी ,
जानवारों को देख कर बजाने वाली ,
तोते वाली सीटी और भी नाना प्रकार की सीटी ....
तेज गती से चल रही Scooter पर कैसे आगे से पीछे य़ा पीछे से आगे आया जाये यह भी बताने से नहीं चूके ...
किताबी अध्यन तो आप अपनी बढ़ती उम्र और अपने अध्यन के छेत्र के हिसाब से भूल या फिर याद रख सकते हैँ ..
परंतु उपरोक्त ग्यान ( i know the spelling is wrong but can't help it....)आप चाह कर भी नहीं भूल पायेंगे ....
यह ठीक वैसे ही हैँ जैसे जीवन में cycle चलाना सीखना ,
सीख लिया तो कभी भूले ही नहीं ....
चाहे केची चालाई चाहे गद्धी पर ...
इसी लिए कहा गया हैँ कि मित्र से अच्छा कोई गुरु नहीं ....
हर कमिने मित्र को Teacher's day की बधाई...
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